Indian Navy Day 2019 : भारतीय नौसेना दिवस । निबंध, भाषण ( Essay and speech)

Indian Navy Day 2019: भारतीय नौसेना दिवस हर वर्ष 4 दिसंबर को मनाया जाता है यह भारतीय नौसेना के लिए एक महत्वपूर्ण दिन है । किसी देश की सेना मुख्यत 3 प्रकार की होती है जो अपनी अपनी कमान संभालते हुए देश की सुरक्षा करती है । जो क्रमश – जल, थल और वायु सेना होती है । जल सेना को ही नौसेना कहा जाता है ।

सन् 1971 में भारत पाक युद्ध के समय भारतीय नौसेना ने महत्वपूर्ण योगदान दिया था । सभी सेना ने अपना – अपना फर्ज बखूबी निभाया, इस दिन भारतीय नौसेना से अपना पराक्रम पाकिस्तान के खिलाफ दिखाया ।

किसी भी नौसेना का का काम होता है देश की समुद्री सीमा में रक्षा करना और यदि युद्ध जैसे हालात आते हैं तो देश की हर संभव तरीके से रक्षा करना और दुश्मन को मुंहतोड़ जवाब देना । भारतीय नौसेना ने भारत – पाक युद्ध के समय यह बखूबी निभाया । जब भारत – पाक युद्ध चल रहा था तब भारतीय नौसेना ने कराची बंदरगाह को हिला कर रख दिया और साथ कि कई युद्ध पोत भी नस्ट किए जिसमें कई पाकिस्तानी सेना मारे गए ।

यह सब प्लानिंग के अनुसार संपन्न हुआ । जब भारत पाक का युद्ध होने वाला था तब नौसेना अध्यक्ष एडमिरल एसएम नंदा जी प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी से मिलने पहुंचे । उन्होंने ने प्रधानमंत्री से पूछा कि यदि भारत – पाक युद्ध हुआ तो क्या हम कराची में हमला कर सकते हैं इससे आपको कोई राजनीतिक परेशानी तो नहीं होगी । एसपर प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने बड़े सोच समझकर एक अच्छा जवाब दिया से बोली ” वेल एडमिरल, इफ देयर इज अ वॉर, देअर इज अ वॉर” अर्थात अगर युद्ध होता है इसका मतलब युद्ध है इसमें देश कि सुरक्षा के लिए वे कर सकते हैं । प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी जी ने उनसे ऐसा पूछने का कारण पूछा तो नौसेना अध्यक्ष ने कहा कि 1965 में उनसे कहा गया था कि वे समुद्र के अलावा कहीं और कार्यवाही ना करें ।

सभी युद्धपोतों में एक एक सीलबंद लिफाफा दिया गया था और कहा गया था कि जब युद्ध होगा तब इसे खोलना । इस मिशन का नाम ” ट्राइडेंट ” रखा गया था । प्लानिंग था कि भारत के सभी युद्धपोत दिन के समय कराची से 250 किलोमीटर दूर रहे ताकि वे पाकिस्तान के गोलीबारी से बच सकें और साम होती ही 150 किलोमीटर तक जाएं और हमला करके वापस दिन में 250 किलोमीटर तक आ जाएं ।

हमले के लिए के जा रहे मिसाइल बोट में रखे हुए थे । प्रत्येक बोट में 4 मिसाइल थी । जब धीरे धीरे शाम होने लगी भारतीय नौसेना को रडार में कुछ हरकत महसूस हुई उन्हें 40 किलोमीटर आस पास पाकिस्तानी युद्दपोत आती नजर आयी । भारत ने दुश्मन की भनक पाते ही मिसाइल दाग दिया । पाकिस्तान इसे भारतीय फाइटर प्लेन समझकर गोलीबारी चालू कर दी तब तक बहुत देर हो गया था ।

मिसाइल अपने लक्ष्य तक पहुंच गया और पाकिस्तानी युद्धपोत को निस्तनाबुत कर दिया । यह सब इतना जल्दी में हुआ में हुआ को पाकिस्तान संभल ही नहीं पाया । उधर भारतीय थल सेना और नौसेना अपना शक्ति प्रदर्शन कर के पाकिस्तान की नींद उड़ा दी थी ।

इसके बाद भारतीय नौसेना रुकने वाली कहां थी । एक के बाद एक कई पाकिस्तानी युद्धपोत भारतीय नौसेना ने तबाह कर दिया । यह सब इतना आसान भी नहीं था जितना की लगता है । भारतीय नौसेना भी कई दिक्कतों से गुजरी । एक समय ऐसा आया था कि युद्धपोत की बिजली चली गई थी जिस कारण से रडार काम नहीं कर रहा था और भारतीय नौसेना हमला नहीं कर पा रही थी । मगर सेना ने सूझबूझ से काम लिया और साम होने तक ठीक कर लिया ।

पाकिस्तान पूरी तरह से बौखला गया था भारत की ताकत देखकर उसे समझ नहीं आ रहा था कि वो करे तो क्या करे क्योंकि भारतीय सेना ऐसे हमला कर रही थी जैसे पाकिस्तानी सेना ने सोचा भी ना था । इस हालात में पाकिस्तानी एयक्राफ्ट्स ने अपने ही युद्धपोत को भारतीय युद्धपोत समझकर उड़ा दिया ।

यह पाकिस्तान के लिए बहुत बड़ी चोट थी । युद्ध और ज्यादा घमासान हो गया था भारतीय सेना एकाएक हर जगह पाकिस्तानी सेना को धूल चटा रही थी और भारतीय सेना ने पाकिस्तानी तेल टैंक को निशाना बनाते हुए ब्लास्ट कर दिया जिसके कारण चारों ओर धुआं ही धुआं हो गया । 3-4 दिन तक पाकिस्तान में इस धुआं के कारण अंधेरा हो गया था । इस आग को बुझाने में पाकिस्तान सारी तरकीब अपना रहा था । यह धुआं इतना तेज था कि दूर दूर से इसे आसानी से देखा जा सकता था ।

पाकिस्तान अपने घुटने पर आ गया था और यह भी जान गया था कि भारत को हराना मुश्किल ही नहीं पाकिस्तान के लिए नामुमकिन है । पाकिस्तान ने यह भी सबक सीख ली थी कि भारत से युद्ध करना मतलब की पाकिस्तान के लिए अपने ही पैर पर कुल्हाड़ी करना है।

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इस तरह यह दिन भारतीय नौसेना के लिए बहुत ही यादगार था क्योंकि उसने पाकिस्तान को धूल चटाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया था । इसी कारण से 4 दिसंबर को हर साल भारतीय नौसेना दिवस ( Indian Navy Day) के रूप में मनाया जाता है । भारत ही नहीं बल्कि सभी देशों के लिए उसकी जल सेना या नौसेना , थल और वायु सेना की तरह बहुत ही महत्वपूर्ण होती है । अन्य देश भी नौसेना दिवस (Navy Day) मनाते हैं मगर उनके नौसेना दिवस (Navy Day) अलग अलग दिन होता है । जैसे भारत में 4 दिसंबर को भारतीय नौसेना दिवस मनाया जाता है । यह एक ऐसा मौका था जिसमें भारतीय नौसेना ने दुश्मन को भारत कि ताकत दिखाई । पूरा दुनिया अब यह समझ गया होगा कि भारत को कमजोर समझना उसके लिए बेवकूफी है ।

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