रेलगाड़ी (Train) दैनिक जीवन तथा कहीं यात्रा के लिए सभी लोगों द्वारा उपयोग की जाने वाली एक शाधन है । रेलगाड़ी का उपयोग ज्यादातर होने का कारण है यह दूर कोनों तक कम कीमतों में तथा समय पर पहुंचा देती है । रेलगाड़ी में एक भारतीय रेल (Train) बहुत समय से चर्चे में रही है यह और कोई रेल(Train) नहीं बल्कि हिमसागर एक्सप्रेस है ।

Himsagar express in hindi



क्यों प्रचलित है हिमसागर एक्सप्रेस


ट्रेन नंबर 16317 भारत में बहुत पहले से प्रचलित है इसका कारण है इसका भारत के 12 राज्यों से होकर गुजरना । यह जम्मू तवी से कन्याकुमारी तक यात्रा करती है । इसकी प्रसिद्धि का कारण इसकी इतनी दूरी तक की यात्रा ही है ।


हिमसागर एक्सप्रेस इस यात्रा में 3714 किलोमीटर की दूरी तय करती है और इस यात्रा में उसे औसतन 71 घंटों का समय लगता है । दूरी काफी अधिक है और समय भी जल्दी है इस कारण से भारत में बहुत ज्यादा लोग इस ट्रेन से सफर करते हैं । फिर भी यह भारत की सबसे ज्यादा दूरी तय करने वाली ट्रेन नहीं है । यह भारत की तीसरी सबसे ज्यादा दूरी तय करने वाली ट्रेन है ।


अपने इस सफर में यह ट्रेन 12 राज्यों से तथा कुल 71 स्टेशनों से होकर गुजरती है इन स्टेशनों में कुछ प्रचलित स्टेशनों का नाम भी शामिल है जिसमें दिल्ली और नागपुर तथा विजयवाड़ा स्टेशन सबसे प्रचलित स्टेशनों में से हैं । स्टेशनों और समय को देखें तो 2 स्टेशनों के बीच के फासले को यह औसतन 1 घंटे  में पूरा कर लेता है । इस यात्रा में विभिन्न प्रकार के मनोरम दृश्य भी देखने को मिलते हैं ।


इस ट्रेन को यात्रा करने में लगभग 71-72 घंटे का समय लगता है इस कारण से यह दैनिक ट्रेन न होकर एक साप्ताहिक ट्रेन है । यह ट्रेन बहुत लंबी दूरी तय करती है जिस कारण से समय को देखते हुए यह औसतन 52 किमी/ घंटे की रफ्तार के आस - पास पटरी पर गति करती है ।


इतिहास


इस ट्रेन की सूरुवात 19 मार्च 1979 को संसद में जम्मू तवी से कन्याकुमारी तक के सफर के लिए हरी झंडी मिलने पर हुई । इसकी पहली सवारी 1980 में सुरु हो गई थी । संसद में यह मुद्दा कृष्णागिरी, तमिलनाडु के 1977 के सांसद डॉ. पी. वी. पेरियासमी (Dr. P.V. Periasamy) द्वारा उठाया गया ।


राज्यों के नाम जहां से यह गुजराती है



जम्मू और कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, केरल और तमिलनाडु।


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