Constitution Day (Sanvidhan Divas) Essay In Hindi

Constitution day eassay, speech in hindi, संविधान दिवस पर निबंध, 26 नवम्बर को ही संविधान दिवस क्यों मनाया जाता है : आज भारत का 70 वां संविधान दिवस मनाया जा रहा है । यह संविधान दिवस हर वर्ष 26 नवम्बर के उपलक्ष पर मनाया जाता है । पर कुछ लोगों के मन में यह सवाल रहता है कि केवल 26 नवम्बर को ही संविधान दिवस क्यों मनाया जाता है ? इसे और कोई दिन क्यों नहीं मनाया जाता ? 26 नवम्बर को भारत में संविधान दिवस मनाने का कारण है जब भारत 15 अगस्त 1947 को अंग्रेजो के शासन से मुक्त हुआ था तब देश को सुव्यवस्थित ढंग से चलाने के लिए देश को एक अच्छे संविधान की आवश्यकता पड़ी । अब बात था संविधान लिखे तो कौन ?

हमारे देश के संविधान लिखने के लिए डॉक्टर भीमराव अंबेडकर को चुना गया जिन्होंने 2 साल 11 महीने और 18 दिन के निरंतर और कठोर मेहनत के बाद संविधान लिखने का काम समाप्त हुआ । इस संविधान को लिखने से पहले 9  दिसम्बर 1946 को संसद में बैठक हुई थी जिसमें 389 सदस्य सम्मिलित थे । इस बैठक में डॉक्टर राजेन्द्र प्रसाद को संविधान का अध्यक्ष चुना गया था साथ है ही संविधान निर्माता डॉ भीमराव अंबेडकर जी को चेयरमैन पद के लिए चुना गया था । भारत पाक विभाजन के बाद संसद के 389 सदस्य घटकर 299 सदस्य हो गए ।




इस संविधान का एक खास बात यह भी है कि इसे पूर्ण रूप से हाथ से लिखा गया था इसमें किसी प्रकार के टाइपिंग का प्रयोग नहीं किया गया था । जब 2 साल 11 महीने और 18 दिन के बाद संविधान का लिखने का कार्य पूर्ण हुआ तब 26 नवम्बर 1949 को संसद में इसे औपचारिक रूप से स्वीकार किया गया और इसे 26 जनवरी 1950 को पूरे देश में लागू किया गया ।  केवल 26 नवम्बर को ही संविधान दिवस मनाने का यही कारण है कि इस दिन भारत के पहले और दुनिया का सबसे बड़ा माना जाने वाला संविधान को औपचारिक रूप से स्वीकार किया गया ।


26 जनवरी 1950 भारत के लिए एक विशेष दिन था । वैसे तो भारत 15 अगस्त 1947 को ही स्वतंत्र हो गया था मगर 26 जनवरी 1950 को भारत को पूर्ण गणराज्य घोषित किया गया । इस शुभ अवसर से अच्छा और कोई अवसर नहीं था इसलिए 26 जनवरी 1950 को पूरे भारत में संविधान लागू किया गया । इस तरह भारत के संविधान का निर्माण हुआ । इस संविधान में 448 अनुच्छेद, 12 अनुसूचियां और 94 संशोधन शामिल हैं और टोटल 48 आर्टिकल हैं ।

संविधान दिवस सर्वप्रथम 2015 में मनाया गया था । इसको मनाने का उद्देश्य यह है कि लोग डॉ भीमराव अम्बेडकर जी के देश के प्रति दिए गए योगदान को सभी व्यक्तियों से अवगत होना चाहिए ।


 संविधान की आवश्यकता देश को क्यों पड़ी ?


देश को सुनियोजित ढंग से चलाने, देश में शांति बनाए रखने , सभी व्यक्ति को स्वतंत्र रूप से जीने के अधिकार आदि को ध्यान में रखते हुए  देश को सुनियोजित ढंग से चलाने के लिए भारत को संविधान की जरूरत पड़ी । जिसे इस प्रस्तावना को ध्यान में रखकर लागू किया गया -

"हम भारत के लोग, भारत को एक सम्पूर्ण प्रभुत्व सम्पन्न, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, लोकतंत्रात्मक गणराज्य बनाने के लिए तथा उसके समस्त नागरिकों को: सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय, विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता, प्रतिष्ठा और अवसर की समता प्राप्त करने के लिए तथा उन सब में व्यक्ति की गरिमा और राष्ट्र की और एकता अखंडता सुनिश्चित करनेवाली बंधुता बढ़ाने के लिए दृढ़ संकल्प हो कर अपनी इस संविधान सभा में आज तारीख 26 नवंबर, 1949 ई० "मिति मार्ग शीर्ष शुक्ल सप्तमी, संवत दो हज़ार छह विक्रमी) को एतद संविधान को अंगीकृत, अधिनियिमत और आत्मार्पित करते हैं ।"


भारतीय संविधान की विशेषता -


भारतीय संविधान सबसे अलग प्रकार का संविधान है जो इसे अन्य देशों से भिन्न बनाती है । इसकी निम्न विशेषताएं है -

1. इसको लिखने में 2 वर्ष 11 महीने 18 दिन का समय लगा ।
2. यह संविधान पूर्ण रूप से हाथ से लिखी गई थी । किसी भी प्रकार के टाइपिंग का प्रयोग नहीं किया गया था ।
3. यह दुनिया का सबसे बड़ा संविधान है ।
4. इस संविधान में 448 अनुच्छेद, 12 अनुसूचियां और 94 संशोधन शामिल हैं और टोटल 48 आर्टिकल हैं ।
5. इस संविधान को नरम संविधान कहा जाता है इसे संसद में बहुमत द्वारा सुधारा जा सकता है । 


संविधान निर्माण की प्रमुख कार्यक्रम


1. 26 नवंबर, 1949 को संविधान अंगीकृत किया गया था। 
2. 26 नवंबर, 2019 को देश 70वां संविधान दिवस मनाएगा। 
3. 11 अक्तूबर, 2015 को 26 नवंबर राष्ट्रीय संविधान दिवस घोषित हुआ। 
4. 1951 में पहला संशोधन अस्थायी संसद ने पारित किया था।
5. 2019 में अंतिम 103वां संशोधन पारित हुआ। 
6. 103 संशोधन किए गए 70 साल में संविधान में। 
7. 7वें संविधान संशोधन को असंवैधानिक करार दिया है। 
8. 107 संविधान संशोधन विधेयक पारित किए राज्यसभा ने। 
9. 01 विधेयक लोकसभा ने अमान्य कर दिया। 
10. 106 संविधान संशोधन विधेयक पारित किए हैं लोकसभा ने। 
11. 03 विधेयकों को राज्यसभा ने अमान्य कर दिया। 



निष्कर्ष

संविधान हमारे देश के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है । ना केवल हमारे देश के लिए बल्कि विश्व के सभी देशों के लिए आवश्यक है बशर्ते कि यह किसी व्यक्ति की अधिकारों का हनन ना करता हो और ना ही शांति भंग करता हो ।

हमारे देश में 2015 से हर वर्ष 26 नवम्बर को भारतीय संविधान दिवस मनाया जाता है । 26 नवम्बर 1949 को भारत का पहला संविधान देश में लाया गया था जिसे 26 जनवरी 1950 में पूरे भारत में लागू किया गया था ।



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