6D क्या है ? शिक्षा विभाग में 6D का क्या मतलब होता है

6 D एक प्रकार का शिक्षा से संबंधित कानून है जिसके अनुसार माध्यमिक शिक्षा में रिक्त पदों को भरने के लिए प्रारंभिक स्तर के शिक्षकों को पदोन्नति कर चुना जाता है । इसका एक खास महत्व है क्योंकि इसमें प्राथमिक और द्वितीयक लेवल के वरिष्ठ शिक्षकों को माध्यमिक शिक्षा के तृतीय केवल में पदोन्नित किया जाता है । लेकिन से पद्दोन्नती के लिए कुछ नियम और सर्तें भी है । केवल वही शिक्षक पदोन्नति के काबिल होगा जो सभी नियमों का पालन करता हो ।

इसे पंचायती राज शिक्षा भी कहा जाता है । 6 डी नियम के तहत कहीं भी अगर माध्यमिक स्तर के शिक्षा मंडल में कहीं शिक्षकों की पद खाली होती है तब इस नियम का उपयोग करके रिक्त पदों को भरा जाता है । ये रिक्त पद केवल 1 - 2 न होकर 100 से भी अधिक हो सकते हैं वो भी किसी राज्य के एक ही जिला में । सभी क्षेत्रो में रिक्त पद भिन्न भिन्न हो सकते हैं । कहीं कम तो कहीं ज्यादा जाहिर सी बात है सभी जगह समान रिक्त पद नहीं हो सकते ।

पंचायती राज शिक्षा में रिक्त पदों की भर्ती consuling process के द्वारा होता है जिससे योग्यतानुसार शिक्षकों को ही पदोन्नति मिले । रिक्त पदों की जानकारी संबंधित portal में publish कर दी जाती है । उसके बाद उचित शिक्षक को counsoling द्वारा चुनकर पदोन्नत किया जाता है । पर ऐसे में शिक्षकों को एक जगह से दूसरे जगह स्थानांतरित किया जाता और payment में कोई वृद्धि नहीं की जाती ।



6D क्या है ?


6 डी माध्यमिक शिक्षा के लेवल तृतीय के रिक्त पदों को प्रारंभिक स्तर के प्राथमिक या द्वितीयक लेवल के वरिष्ठ शिक्षकों को पदोन्नत करके भरा जाता है । इसके लिए शिक्षकों की consoling की जाती है और साथ ही कुछ अन्य चीजों पर गौर की जाती है जैसे की उस शिक्षक की न्यूनतम ( minimum ) 6 वर्षों का अनुभव हो । उस शिक्षक के खिलाफ कोर्ट में कोई केस दर्ज न हुआ हो साथ ही उचित प्रक्रिया द्वारा शिक्षक पद में नियुक्त हुए हो जिसके तहत राजस्थान के नियम 1971 के सभी उल्लेखनीय बिंदु का पालन करता हो ।

consoling में समान स्तिथि आने पर वरिष्ठता के लिए कार्यग्रहण तिथि को देखा जाता है । राजस्थान सर्विस नियम 1971 में 6 डी का उल्लेख किया गया है ।


6 डी के लिए क्या योग्यता होनी चाहिए ?


6D के लिए संबंधित शिक्षक को वरिष्ठ होना चाहिए साथ ही शिक्षा के क्षेत्र में न्यूनतम 5 वर्ष का अनुभव होना आवश्यक है , शिक्षक के खिलाफ कोर्ट में कोई केस न हुआ हो इसके अलावा बीएड और एसटीसी अनिवार्य है ।

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